तुंगनाथ महादेव (उत्तराखण्ड)

 विश्व का सबसे ऊँचा शिव मन्दिर तृतीय केदार तुंगनाथ महादेव 

बाबा तुंगनाथ मन्दिर 

 तुंगनाथ मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर है। यह पंच केदार मंदिरों में से एक है और विश्व का सबसे ऊँचा शिव मंदिर माना जाता है, जिसकी ऊँचाई लगभग 3,680 मीटर (12,073 फीट) है। यह मंदिर चोपता से लगभग 4 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पर स्थित है और इसे महाभारत काल से जुड़ा हुआ माना जाता है।

ट्रेकिंग वे 



तुंगनाथ मंदिर का पौराणिक महत्व

तुंगनाथ मंदिर का संबंध महाभारत के पांडवों से है। कथा के अनुसार, महाभारत के युद्ध के बाद पांडव अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लेने गए, लेकिन शिव उनसे नाराज़ होकर गुप्तकाशी चले गए। वहां से शिव ने बैल का रूप धारण किया और विभिन्न भागों में प्रकट हुए। जिन स्थानों पर उनके शरीर के अंग प्रकट हुए, वे पंच केदार के नाम से प्रसिद्ध हुए। तुंगनाथ में भगवान शिव की भुजाएं प्रकट हुई थीं।



तुंगनाथ मंदिर की विशेषताएँ


  • ऊँचाई: 3,680 मीटर (12,073 फीट)
  • शैली: उत्तर भारतीय नागर शैली
  • मंदिर का निर्माण: माना जाता है कि इसे अर्जुन ने बनवाया था।
  • यात्रा समय: यह मंदिर आमतौर पर मई से नवंबर तक खुला रहता है, जबकि सर्दियों में यहाँ भारी बर्फबारी होती है, जिससे मंदिर बंद कर दिया जाता है।


 


निकटतम स्थल :

  •  
    • चोपता (ट्रेकिंग का प्रारंभिक बिंदु)
    • देवरिया ताल
    • चंद्रशिला चोटी (तुंगनाथ से 1.5 किमी आगे)

 


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